गर्भावस्था (1 से 9 माह तक) – पूरी जानकारी
गर्भावस्था 9 महीने (लगभग 40 हफ्ते) की होती है और इसे तीन तिमाहियों (Trimester) में बांटा जाता है। हर महीने में शिशु और माँ के शरीर में कई बदलाव होते हैं। आइए जानते हैं 1 से 9 महीने तक गर्भावस्था का पूरा सफर।
➤ पहला महीना (1st Month - 1 से 4 हफ्ते)
✔ गर्भ ठहरने के बाद पहला महीना सबसे महत्वपूर्ण होता है।
✔ इस दौरान भ्रूण (Embryo) बनना शुरू होता है।
✔ माँ को थकान, उल्टी, मतली (Morning Sickness) जैसी दिक्कतें हो सकती हैं।
✔ फॉलिक एसिड सप्लीमेंट लेना जरूरी होता है।
➤ दूसरा महीना (2nd Month - 5 से 8 हफ्ते)
✔ शिशु के दिल की धड़कन बनने लगती है।
✔ अंग जैसे आंख, कान, नाक और मस्तिष्क विकसित होने लगते हैं।
✔ माँ को भोजन की गंध से चिड़चिड़ापन हो सकता है।
✔ हल्का व्यायाम और पोषण से भरपूर आहार जरूरी है।
➤ तीसरा महीना (3rd Month - 9 से 12 हफ्ते)
✔ इस महीने तक शिशु का सिर, हाथ, पैर और उंगलियां बनने लगती हैं।
✔ गर्भावस्था की पहली सोनोग्राफी (Ultrasound) की जाती है।
✔ माँ की थकान और उल्टी धीरे-धीरे कम होने लगती है।
✔ स्वस्थ भोजन और पानी का सेवन बढ़ाना चाहिए।
➤ चौथा महीना (4th Month - 13 से 16 हफ्ते)
✔ इस महीने में शिशु का दिल पूरी तरह से धड़कने लगता है।
✔ माँ को हल्की हलचल (Baby Movement) महसूस हो सकती है।
✔ चेहरे पर निखार आता है, लेकिन कुछ महिलाओं को कब्ज या एसिडिटी की समस्या हो सकती है।
✔ आयरन और कैल्शियम युक्त आहार जरूरी है।
➤ पाँचवा महीना (5th Month - 17 से 20 हफ्ते)
✔ शिशु की हलचल महसूस होने लगती है।
✔ इस महीने में शिशु के बाल और अंग अधिक स्पष्ट होने लगते हैं।
✔ माँ का वजन बढ़ने लगता है और कमर का आकार बढ़ने लगता है।
✔ इस दौरान ज्यादा आराम और हल्का व्यायाम करना चाहिए।
➤ छठा महीना (6th Month - 21 से 24 हफ्ते)
✔ शिशु की त्वचा पारदर्शी होती है, लेकिन उसका विकास तेजी से होता है।
✔ माँ को पेट में खिंचाव और पीठ दर्द हो सकता है।
✔ इस दौरान शरीर में पानी की कमी न होने दें और पौष्टिक आहार लें।
✔ डॉक्टर से शुगर टेस्ट और अन्य जांच करवानी चाहिए।
➤ सातवां महीना (7th Month - 25 से 28 हफ्ते)
✔ शिशु की गतिविधियां बढ़ जाती हैं और वह माँ की आवाज़ पहचानने लगता है।
✔ माँ को नींद न आने की समस्या हो सकती है।
✔ इस समय हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज का ध्यान रखना जरूरी है।
✔ डॉक्टर की सलाह से हल्की एक्सरसाइज करें।
➤ आठवां महीना (8th Month - 29 से 32 हफ्ते)
✔ शिशु लगभग पूरी तरह विकसित हो चुका होता है।
✔ इस महीने से डिलीवरी की तैयारी शुरू कर देनी चाहिए।
✔ चलने-फिरने में परेशानी और पैरों में सूजन हो सकती है।
✔ शिशु उल्टी पोजीशन (Head Down Position) में आने लगता है।
➤ नौवां महीना (9th Month - 33 से 40 हफ्ते)
✔ शिशु पूरी तरह से विकसित हो जाता है और जन्म के लिए तैयार होता है।
✔ इस समय फुल टर्म प्रेग्नेंसी होती है और लेबर पेन किसी भी समय आ सकता है।
✔ फॉलो-अप के लिए डॉक्टर से नियमित संपर्क में रहें।
✔ नॉर्मल डिलीवरी और सी-सेक्शन की संभावना को समझें।
महत्वपूर्ण सुझाव:
✅ डॉक्टर से नियमित जांच करवाएं।
✅ आयरन, कैल्शियम, प्रोटीन और फाइबर से भरपूर आहार लें।
✅ हल्का व्यायाम करें, लेकिन भारी काम से बचें।
✅ सकारात्मक रहें और अच्छा संगीत सुनें।
✅ पानी खूब पिएं और शरीर को हाइड्रेट रखें।
अगर आपको कोई खास लक्षण या तकलीफ महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
नवजात के स्वागत के लिए तैयार रहें!