टीबी (ट्यूबरकुलोसिस) में बुखार क्यों नहीं उतरता? जानें कारण, लक्षण और इलाज
टीबी (ट्यूबरकुलोसिस) एक गंभीर बैक्टीरियल संक्रमण है, जो Mycobacterium tuberculosis नामक बैक्टीरिया के कारण होता है। यह आमतौर पर फेफड़ों को प्रभावित करता है, लेकिन शरीर के अन्य अंगों में भी फैल सकता है। टीबी का एक प्रमुख लक्षण लंबे समय तक बना रहने वाला बुखार है, जो आमतौर पर रात में अधिक होता है और दवा लेने के बावजूद पूरी तरह नहीं उतरता।
टीबी में बुखार क्यों नहीं उतरता?
टीबी में बुखार लंबे समय तक बना रह सकता है क्योंकि:
✅ बैक्टीरिया का धीमा प्रभाव: टीबी बैक्टीरिया शरीर में धीरे-धीरे बढ़ते हैं, जिससे इम्यून सिस्टम लगातार प्रतिक्रिया करता रहता है और बुखार बना रहता है।
✅ रात में अधिक बुखार: टीबी से ग्रसित व्यक्ति को अक्सर शाम या रात के समय तेज बुखार और पसीना आता है, जिसे "नाइट स्वेट्स" कहते हैं।
✅ क्रॉनिक इन्फ्लेमेशन: शरीर की प्रतिरोधक प्रणाली टीबी बैक्टीरिया से लड़ने के लिए लगातार सक्रिय रहती है, जिससे शरीर का तापमान सामान्य नहीं हो पाता।
✅ उचित इलाज न मिलने पर संक्रमण बढ़ सकता है, जिससे बुखार लंबे समय तक बना रहता है।
टीबी के मुख्य लक्षण
अगर आपको 2-3 हफ्तों से ज्यादा समय से बुखार हो और यह दवा लेने के बाद भी न उतरे, तो टीबी की जांच करवाना जरूरी है। टीबी के लक्षण इस प्रकार हैं:
🔥 लंबे समय तक हल्का या तेज बुखार रहना (खासकर शाम को)
😓 रात में अत्यधिक पसीना आना
😩 लगातार 2-3 हफ्तों तक खांसी रहना तेजी से वजन कम होना
🥵 भूख कम लगना और कमजोरी महसूस होना
💨 सीने में दर्द और सांस लेने में दिक्कत ( फेफड़ों की टीबी में)
टीबी का इलाज और बुखार कम करने के उपाय
टीबी को पूरी तरह ठीक करने के लिए डॉक्टर द्वारा दिए गए एंटी-टीबी ड्रग्स (ATT) का पूरा कोर्स लेना जरूरी होता है। इसके अलावा, बुखार कम करने के लिए ये उपाय करें:
1. दवा का पूरा कोर्स लें
- टीबी का इलाज 6-9 महीने तक चलता है, और इसकी दवाएं (Isoniazid, Rifampicin, Pyrazinamide, Ethambutol) डॉक्टर की सलाह के अनुसार लें।
- बीच में दवा न छोड़ें, वरना बीमारी और बढ़ सकती है।
2. हाई प्रोटीन और न्यूट्रिशन युक्त डाइट लें
- दूध, अंडा, दाल, मूंगफली, और पनीर जैसे प्रोटीन युक्त आहार खाएं।
- ताजा फल और हरी सब्जियां रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करती हैं।
3. हाइड्रेशन बनाए रखें
- शरीर से टॉक्सिन्स निकालने और बुखार कम करने के लिए दिनभर में 3-4 लीटर पानी पिएं।
- नारियल पानी और ताजे फलों का जूस फायदेमंद रहेगा।
4. आराम करें और तनाव कम करें
- शरीर को पर्याप्त आराम देने से इम्यून सिस्टम मजबूत होता है।
- धूम्रपान और शराब से बचें क्योंकि ये फेफड़ों को और नुकसान पहुंचा सकते हैं।
5. हर्बल काढ़ा पिएं
तुलसी, गिलोय, हल्दी और अदरक का काढ़ा पीने से इम्यून सिस्टम मजबूत होता है और बुखार में राहत मिलती है।
कब डॉक्टर के पास जाना चाहिए?
अगर बुखार 2-3 हफ्तों से ज्यादा बना हुआ है और सामान्य दवाओं से नहीं उतर रहा, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और टीबी की जांच करवाएं।
🩺 जरूरी टेस्ट:
✔ मंटू टेस्ट (Mantoux Test) – त्वचा पर इंजेक्शन के जरिए टीबी संक्रमण की जांच
✔ सप्टम टेस्ट (Sputum Test) – बलगम की जांच से फेफड़ों की टीबी का पता लगाया जाता है
✔ सीने का एक्स-रे (Chest X-ray)– फेफड़ों में संक्रमण की स्थिति देखने के लिए
✔ CB-NAAT और GeneXpert टेस्ट– टीबी के बैक्टीरिया की पहचान के लिए उन्नत टेस्ट
अगर दवा लेने के बाद भी बुखार नहीं उतर रहा और आपको लगातार कमजोरी, खांसी, और वजन घटने जैसी समस्याएं हो रही हैं तो यह टीबी हो सकता है। टीबी का सही समय पर इलाज करना बेहद जरूरी है, नहीं तो यह अन्य अंगों में भी फैल सकता है। दवा का पूरा कोर्स लें, पोषक आहार खाएं और डॉक्टर से नियमित चेकअप करवाएं।
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